विधवा माँ की चुदाई की दास्ताँ…

Vidhwa Maa Pushpa ki Chudai – हेलो दोस्तों! मेरा नाम रोनित है. मैं दिल्ली में रहता हूँ. मेरे परिवार में माँ, जिनका नाम पुष्प है.. वो ५ फुट ४ इंच लम्बी है. रंग गोरा और फिगर ३० – २६ -३४ है.. शरीर से पतली है पर सेक्सी बहुत हैं.. मेरे पापा का देहांत २००७ में हुआ था और हम गरीबी से जूझ रहे थे. फिर एक दिन मेरे माँ की नौकरी एक छोटी सी कंपनी में लग गयी. वो अपने काम पर आने-जाने लगी..

मेरी माँ पहले से ही चरित्रहीन थी.. क्योंकि जब मैं छोटा था, वो मुझे बाजार लेके जाती थी. वह एक दुकानवाला मम्मी को देख के मुस्कुराता था.. और फिर पीछे आ जाता था.. मम्मी मुझे साइड में करके उसके साथ अँधेरी गली में जा के किश करती थी.. पापा के देहांत के बाद तो उनका अफेयर और बढ़ गया था.. मुझे इस बारे में पता था…

जब मैं १२ क्लास में आया तो माँ रात भर आदमियों से फ़ोन पर बातें करती थीं… और मुझे गुस्सा आता था.. लोग उन्हें गंदे मैसेज भेजते और लंड के फोटो भी व्हाट्सप्प करते थे.. माँ अपने बोबे के पिक्स उनके भेजती थी.. और जब मैं बोलता के क्या कर रही हो तो वो कहती की उन्हें इस बारे में नहीं पता… तो एक बार मैं रात को पार्टी करके आया.. मैंने शराब पी हुई थी.. मैं और मम्मी एक ही कमरे में सोते थे.. क्योंकि एक ही रूम था हमारे पास.. गर्मी के वक़्त था.. मम्मी मैक्सी में सोती थी..

मैं उनके बगल में सो गया..रात को अचानक मेरी नींद खुली तो मैंने देखा की मम्मी की मैक्सी ऊपर तक थी और उनके गोर चूतड़ साफ़ दिख रहे थे.. उनकी पतली गांड और गांड का होल मस्त दिख रहा था.. मैं सो गया मुँह फेर के पर मेरे अंदर कब ये हवस पैदा हुई.. पता नहीं..

अगले दिन, रात के २ बजे मैं पोर्न फिल्म देख रहा था और हवस उफान पर थी मेरी.. मैंने देखा की कूलर चल रहा है.. और वो फिर उसी हालत में है.. तो मुझसे रहा नहीं गया.. मैंने बस टच किया.. उनके चूतड़ को.. मुझे अच्छा लगा.. मैंने अपना लंड उनके हांथों में रखा और आगे-पीछे करने पगा.. मुझे ऐसा एहसास हुआ की उनके उंगलियां हिल रही थी.. पर मैं रुका नहीं.. करता रहा.. अचानक उन्होंने करवट लो तो मैं हट गया.. फिर ५ मिनट बाद दुबारा आगे आया और उनके लिप्स पे लंड रगड़ने लगा..

उन्होंने हाथ मारा तो मैं फिर पीछे हट गया.. इस रात इतना करके मैं सो गया…

फिर एक दिन माँ रात में अपने फ्रेंड से बात कर रही थी और रो रही थी.. देर रात जब मैंने पुछा, तो उन्होंने कुछ बताया नहीं.. अगले दिन माँ ड्यूटी पर जा रही हूँ, बोलकर चली गयी.. मैंने उनका पीछा किआ.. वो रेलवे स्टेशन गई और वह से ट्रैन पकड़ के चली गई.. रात को ९ बजे घर आयी.. मैंने पुछा लेट क्यों हुआ तो ओवरटाइम का बहाना किया माँ ने..

Chudai ki kahani – बीवी को कज़िन से चुदवाया

दो-तीन दिन बाद, मेरे अंदर माँ को चोदने की इच्छा आने लगी.. वो रात में सोई थी.. १ बजे मै उठा और नंगा होक उनके करीब आया.. उनका फेस दूसरी तरफ था.. मुझे शक हुआ की को जगी है.. उन्होंने शायद नोटिस कर लिया था.. आज उनकी मैक्सी निचे थी… मैंने मैक्सी ऊपर उठायी तो आसानी से वो ऊपर हो गयी क्योंकि मम्मी ने शायद लूस मैक्सी पहनी थी.. माइए आगे आया और उनके चूतड़ पर अपना लंड रखा.. उस दिन में बता नहीं सकता के कैसे मेरा लंड तना हुआ था.. ऐसा लगा की जस्ट अभी माल गिर जाएगा… मैं बहुत खुश था.. डर भी था.. फिर मैंने प्लान किआ की माँ तो रंडी है.. और रंडी चाहे माँ हो या कोई और.. चोदने में कोई बुराई नहीं.. मज़ा लेना चाहिए इस मौके का..

मैंने उनके चूतड़ की तरफ फेस किआ और उनकी काली चुत दिखी मुझे.. मैंने मोबाइल का लाइट चालू किया और उनकी काली चुत ५ मिनट तक चाटी। चाट-चाट कर उनकी चुत एकदम से गीली कर दी मैं… फिर मैंने उनकी गांड भी चाटी। शायद मुम्मु को एहसास हुआ.. वो इतने शातिर औरत थी के क्या बताऊँ… उन्होंने अपने पैर खोल गए और चादर ओढ़ के सो गयी… फिर नेक्स्ट डे मैंने उनके आनपर उनके पानी में नींद की गोली और वियाग्रा दाल दी.. उसे पि कर वो सो गयीं.. ११ बजे मैंने उनको चेक किया… थप्पड़ मारा.. वो नहीं उठी.. मैं समझ गया की दवा का असर है.. फिर मैंने उनकी मैक्सी ऊपर कर दी.. और उनकी चुत चाटने लगा..

वो इतनी गीली थी, जैसे की वो मूत रही हो.. उनकी साँसे भी तेज़ थी.. वो बस नशे में लग रही थी.. हाथ मार रही थी… इधर-उधर.. मुझे डर लगा के कमज़ोर पतला शरीर है उनका.. कहीं दवाई हैवी हो गयी तो लेने के देने पढ़ जायेंगे…. फिर कुछ दिर फोरप्ले करने के बाद मैंने अपना लंड निकाला और उनकी चूत में डाल दिया.. उनकी चूत बहुत लूस और गीली थी.. मुझे गुस्सा आया क्योंकि वो किसी और से सेक्स करती थी और उनकी चूत के ऊपर एक दांत का या शायद नाखून का निशाँ था.. मुझे ऐसे लगा की उनकी आँखें खुली थी.. दर्द में.. पर दवा का नशा इतना था की वो लेटी रहीं.. मैंने उस पोजीशन में खूब चुदाई की उनकी.. फिर मैंने बड़ी मशक्कत करके उनको पलटा और डॉगी पोजीशन में ला कर उनको पीछे से चोदा। बीच बीच में उनके छोटे बोबे भी मसल और चूस रहा था मैं..

उस रात मैंने २ बार चोदा अपनी चरित्रहीन माँ को.. अगले दिन उनकी तबियत ख़राब हो गयी.. उन्हें शक हुआ की कुछ हुआ है उनके साथ पर वो इग्नोर कर दी.. के उनके साथ उनका बीटा ऐसा नहीं कर सकता.. पर उनको तब कन्फर्म हुआ जब उनके चूत में दर्द होने लगा.. उसके बात उनका मेरे साथ नफरत वाला व्यव्हार हो गया..

मैंने कई बार उनको गोली दे कर चोदा और एक दिन तो उनकी पतली गांड के होल में भी अपना लंड डाल दिया…

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